Working Papers

लेखक: अर्पिता बनर्जी | संपर्क: डॉ देबोलिना कुंडु

प्रवासन मानव अस्तित्‍व का अभिन्‍न हिस्‍सा है जिसमें लोग राजनैतिक रूप से सुपरिभाषित एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में पलायन करते हैं। इस पलायन में अस्‍थायी/परिसंचरण से सापेक्ष स्‍थायी प्रकृति में अंतर हो सकता है और इसमें दो स्‍थानों के बीच निवासस्‍थल में परिवर्तन शामिल होता है। हालांकि यह स्‍पष्‍ट करने के लिए कई धारणाएं प्रस्‍तुत की गई हैं कि लोग पलायन क्‍यों करते हैं ‘पुश-पुल’ प्रतिमान अभी भी प्रमुख धारणा बनी हुई है। यह प्रवासन कृषक आधारित/आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों से औद्योगिक अंचलों में अथवा उपांतीय से मूल क्षेत्रों में होता है।...