अनुसंधान के मूल विषय

शहरीकरण, शहरी अधोसंरचना तथा आर्थिक वृद्धि

शहरीकरण, पलायन, शहरी अधोसंरचना तथा आर्थिक वृद्धि के लिंकेजों के बीच एक सतत् समीक्षा व विश्लेषण के साथ, सूक्ष्म मापदंडों का अध्ययन जो शहरी विकास और इसके स्थानिक विस्तार को प्रभावित करता हो।

नगरीय वित्त एवं प्रशासन

वित्तीय संरचनाओं का राष्ट्रीय, राज्य और नगरीय स्तरों पर अध्ययन, जिसमें स्थानीय क्षमताओं को स्वयं के राजस्व के स्रोतों के प्रबंधन के लिए सशक्त करने पर विशेष ध्यान के साथ, बाजार से वित्त लाभ की प्राप्ति और सार्वजनिक-निजी-साझेदारी को समुचित तौर पर संरचना प्रदान किया जाता हो।

भूमि अर्थव्यवस्था और परिवहन

देश के भीतर तथा विदेशों में भूमि विकास के वर्तमान प्रादर्शों का अध्ययन, भूमि अर्थव्यवस्था तथा शहरी विकास पर इसके प्रभाव, भूमि बाजार की दक्ष कार्यपद्धति, भूमि उपयोग तथा परिवहन के मध्य सहकार्य, तथा अधिग्रहण व पूलिंग के प्रति प्रत्युत्तर का अध्ययन।

शहरी गरीबी

दशाओं का अध्ययन जो शहरी गरीबी का उत्पादन करता और इसे बढ़ावा देता हो तथा इसे दूर करने के तरीके, आजीविका की भूमिका तथा शहरी गरीबी के प्रति प्रत्युत्तर में न्याससंगत उपयोग का निर्धारण, और उद्यम, श्रम तथा सामाजिक संरचना की प्रकृति जो समावेशी शहरीकरण का उत्पादन कर सके।

किफायती आवास

कारकों का अध्ययन जो शहरों में आवास की वहनीयता का अभिशासित करता हो और संरचनागत, वित्तीय तथा तकनीकी पहलू जो वहनीय या किफायती आवास को प्रभावित करता हो, चाहे वह स्वामित्व के हों या भाड़े पर, दोनों में।

पोषणीय आवास, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन

शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के साथ इसके लिंकेज का अध्ययन, जलवायु संबंधी जोखिमों और खतरों का समाधान, शहरी प्रणालियों में प्रतिरोधक्षमता का निर्माण तथा विभिन्न जलवायु अंचलों में शहरी प्रणालियों से जुड़ी पोषणीयता का आकलन।

स्मार्ट सिटीज

दशाओं का अध्ययन जिसे आईसीटी-आधारित शहर अपना सकते हैं तथा सहभागी नियोजन तथा नागरिकों की सहभागिता हेतु डाटा-सक्षम प्लैटफार्म, तकनीकी कार्यप्रदर्शन मापदंडों का रियल-टाइम मापन और
-गर्वर्नेंस में पारदर्शिता।