शहरी भारत में शिक्षा की स्थिति

Submitted by niuaadmin on 12 जनवरी 2016 - 4:14pm

शहरी जनसंख्‍या में आई तेजी तथा शहरों के फैलाव से शहरी शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है। अतः मौजूदा अध्‍ययन राज्‍य की शहरी शिक्षा नीति के विश्‍लेषण के उद्देश्‍य के साथ शहरी क्षेत्रों में शिक्षा सेवा प्रदानगी की जटिलताओं को समझने हेतु एक प्रयास है। इसे पांच चुनिंदा शहरों में किया गया थाः जयपुर, हैदराबाद, लखनऊ, भिलाई तथा कटक। इन शहरों में चुनिंदा अ‍नधिकृत बस्तियों के बच्‍चों की निम्‍नलिखित मानदंड इस्‍तेमाल करके यादृच्छिक रूप से पहचान की गई थी- सरकारी स्‍कूल में जाने वाले बच्‍चे, निजी स्‍कूल में जाने वाले बच्‍चे, कामकाजी लड़कियां, काम न करने वाली तथा स्‍कूल न जाने वाली लड़कियां, कामकाजी लड़के और काम न करने वाले तथा स्‍कूल नहीं जाने वाले लड़के। अध्‍ययन ने ऐसी अनुशंसा की जो हालिया प्रख्‍यापित अधिकार फ्रेमवर्क के अंदर सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के लक्ष्‍य को हासिल करने में शहरों को समर्थ बनाएगी।

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