शहर की सरकारों के साथ व्‍यवसाय करना

Submitted by niuaadmin on 12 जनवरी 2016 - 4:38pm

इस अध्‍याय में सर्वोत्‍तम परिपाटियों के आधार पर सुधार के मुख्‍य क्षेत्रों की पहचान की गई है तथा ये पहले से किए गए ऐसे सुधारों से सबक लेने हेतु दिशानिर्देशों का प्रस्‍ताव रखते है जिन्‍हें भारत में संपत्ति के पंजीकरण तथा लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सहज बनाने हेतु अपनाया जा सकता है। ये दिशानिर्देश विभिन्‍न देशों तथा शहरों में पहले से ही किए गए सर्वोत्‍तम सुधारों/प्रैक्टिसों पर आधारित हैं। इनमें दिल्‍ली, लुधियाना, इंदौर, लखनऊ, कोलकाता, रांची, मुम्‍बई, सूरत, बेंगलुरू तथा त्रिवेन्‍द्रम शामिल हैं।

इन अध्‍ययनों में यह उजागर किया गया है कि बेंगलुरू, दिल्‍ली तथा सूरत में निर्माण कार्य संबंधी लाइसेंस प्राप्‍त करने में कम प्रक्रियाएं शामिल हैं। संपत्ति के पंजीकरण के संबंध में अध्‍ययन यह दर्शाते हैं कि कंप्‍यूटरीकृत पंजीकरण प्रणाली शुरू होने से अधिकतर शहरों में संपत्ति के पंजीकरण में लगने वाले समय में अत्‍यंत कमी आई है। चुने हुए दस शहरों में से कोलकाता एकमात्र ऐसा शहर है जो जहां अभी भी संपत्ति का मैनुअल पंजीकरण प्रचलित है जिसके कारण विलंब होता हैं। संपूर्ण विश्‍लेषण यह सुझाता है कि विनियामक प्रक्रियाओं के सुधार की प्रक्रिया में अनेक एजेंसियां सक्रियतापूर्वक कार्य कर रहीं हैं तथा देश में अनेक नवीन प्रचलन विकसित किए गए हैं।

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