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स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Prof. Jagan Shah

सिडको ने रा.न.का.सं. में ‘सिडको स्‍मार्ट सिटी चेयर’– जो अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण एकक है – स्‍थापित की है जो ‘’स्‍मार्ट सिटिज’’ के विकास पर विशेष संकेन्‍द्रण के साथ सिडको के तकनीकी कार्मिक को नवीनतम प्रशिक्षण विकसित एवं प्रदान करेगा। ‘सिडको स्‍मार्ट सिटी चेयर’ यूनिट नवी मुम्‍बई में राष्‍ट्रीय स्‍तरीय प्रशिक्षण संस्‍थान की स्‍थापना की ओर पहला कदम है। यह यूनिट सिडको में मौजूदा ज्ञान के बारे में जागरूकता पैदा करने तथा इसके संग्रहण पर फोकस करेगी जैसे ऐसी नवीन तथा श्रेष्‍ठ परिपाटियां, जो सिडको द्वारा तैयार की गई हैं, और ये सिडको के इतिहास तथा उपलब्धियों एवं नवी मुम्‍बई के...

स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Dr. Debjani Ghosh

दक्षिण एशिया शहरी ज्ञान केन्‍द्र (के-हब) का लक्ष्‍य दक्षिण एशिया में शहरी नीति तथा प्रैक्टिस के लिए साक्ष्‍य-आधारित एडवोकेसी के प्रभाव में बढ़ोतरी करना है। फिलहाल के-हब, जिसमें चार देश नेपाल, बांग्‍लादेश, श्री लंका एवं भारत शामिल हैं, इस क्षेत्र में प्रशिक्षण तथा अनुसंधानात्‍मक संस्‍थानों का नेटवर्क तैयार करेगा तथा देश और क्षेत्रों के भीतर और इनके बीच ज्ञान प्रबंधन में उन्‍नयन करने के लिए एक मंच तैयार करेगा। के-हब संबंधी कार्यकलापों से दक्षिण एशिया तथा अन्‍य क्षेत्रों में शहरी प्रबंधन, अवसंरचना तथा सेवा प्रदानगी में सर्वोत्‍तम परिपाटियों का आदान-प्रदान सुविधाजनक बनेगा और...

स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Dr. Debjani Ghosh

वर्ष 2005 में शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने एक सुधार आधारित राष्‍ट्रीय निवेश कार्यक्रम शुरू किया जो जवाहरलाल नेहरू राष्‍ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) शीर्षक वाले कार्यनीतिगत अवसंरचना निवेश के जरिए भारत में विकासशील शहरों पर लक्षित था।

जेएनएनयूआरएम वाले शहरों के बीच क्रॉस लर्निंग तथा ज्ञान के आदान-प्रदान के जरिए क्षमता निर्माण की उभरती हुई आवश्‍यकताओं के प्रत्‍युत्‍तर में पीयर एक्‍सपीयरेंस और रेफ्लेक्टिव लर्निंग प्रोग्राम (पर्ल) की शुरूआत वर्ष 2007 में की गई थी। रा.न.का.सं. को पीयर एक्‍सपीयरेंस और रेफ्लेक्टिव प्रोग्राम (पर्ल) के...

स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Dr. Sandeep Thakur

एकक का मुख्‍य उद्देश्‍य 13वें वित्‍त आयोग द्वारा निर्धारित नौ सुधार आधारित शर्तों के अनुपालन हेतु राज्‍यों को सहायता प्रदान करना तथा निष्‍पादन आधारित अनुदान आहरित करने के लिए उन्‍हें पात्र बनाना है। 13वें सीएफसी द्वारा निर्धारित नौ शर्तों के अनुपालन की पूर्ति के लिए राज्‍यों द्वारा की गई प्रगति की मॉनीटरिंग पूरी की गई जिसके लिए निष्‍पादन अनुदान 2013-14 में जारी किया जाएगा।

स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Dr. Debolina Kundu

विकासशील देशों में सामाजिक आवासीय कार्यक्रमों में सतत भवन परिपाटियों को प्रोत्‍साहन देने के लिए वर्ष 2009 में संयुक्‍त राष्‍ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा सामाजिक आवासीय पहल (सुशी) शुरू की गई थी। इसका केन्‍द्र बिन्‍दु सतत भवन समाधानों का सामाजिक आवासीय कार्यक्रमों में एकीकरण करना है ताकि न केवल पर्यावरण, सामाजिक तथा आर्थिक लाभ प्राप्‍त किए जा सके अपितु संसाधन तथा ऊर्जा क्षमताओं के उन्‍नयन में भी सहायता प्रदान की जा सके तथा निम्‍न आय समूहों के लिए बेहतर रहन-सहन हेतु बढ़ावा दिया जा सके।

भारत में सुशी कार्यकलापों के एक भाग के रूप में...

स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Dr. Sandeep Thakur

यह परियोजना यह विश्‍लेषण करने के लिए संचालित की जा रही है कि क्‍या शहरी भूमि सीलिंग तथा विनियमन अधिनियम (यूएलसीआरए), 1999 के निरसन से भूमि बाजार में मांग और आपूर्ति का अंतराल पट गया था ताकि विशेषकर शहरी गरीबों के लिए आवासीय इकाइयों में वृद्धि की जा सके तथा क्‍या इसने शहरी भूमि बाजार में पारदर्शिता एवं कार्य क्षमता में उन्‍नयन हासिल किया।

अध्‍ययन के अंतर्गत अपेक्षित सूचना प्राप्‍त करने के लिए एक व्‍यापक विस्‍तृत प्रश्‍नावली तैयार की गई है जिसमें विकास के लिए उपलब्‍ध भूमि की मात्रा, आवासीय इकाइयों के शेयर में वृद्धि, ईडब्‍ल्‍यूएस/एलआईजी के लिए...

स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Prof. Usha P. Raghupathi

यह परियोजना प्रशिक्षण, शहरी जलवायु परिवर्तन लोच (यूसीसीआर) संबंधी ज्ञान उत्‍पाद के प्रचार-प्रसार, जलवायु संबंधी सूचना के एकीकरण, नीतियों को प्रभावित करने के एक साधन के रूप में नेटवर्किंग साझेदारों को लिंक करने, शहरी परिवेश में जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों पर ध्‍यान देने, विकास आयोजन तथा प्रबंधन हेतु जलवायु लोच को लिंक करने के जरिए क्षमता निर्माण करेगी।

स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Dr. Debolina Kundu

इस परियोजना का लक्ष्‍य भारत में विभिन्‍न आकार की शहरी बस्तियों की आवासीय तथा मूल संरचना की स्थिति तथा जनांकिकीय, आर्थिक तथा सामाजिक ढांचों का विश्‍लेषण करना है। हालांकि नीति प्रतिपादन के लिए ऐसा अध्‍ययन अत्‍यापेक्षित था तथापि ऐसे किसी एकीकृत विश्‍लेषण का पहले कभी प्रयास नहीं किया गया है।

इस परियोजना का उद्देश्‍य जनांकिकीय, आर्थिक, रोजगार, ढांचागत उत्‍परिवर्तन, गरीबी, असमानता, आवासीय, मूल अवसंरचना, सामाजिक संकेत आदि के संबंध में विभिन्‍न आकार एवं श्रेणी वाले अंतरों की पूर्ण तस्वीर प्रस्‍तुत करना है, जो भारत में विभिन्‍न आकार व श्रेणियों वाले...

स्थिति: Ongoing | संपर्क व्यक्ति: Dr. Debolina Kundu

वर्ष 2004-05 और 2009-10 की अवधि के दौरान कार्यबल भागीदारी दर में परिवर्तन के निहितार्थों पर प्रगतिरत चर्चा के आलोक में सकल घरेलू-उत्‍पाद में कम हिस्‍सेदारी, कृषि क्षेत्र में से पर्याप्‍त कार्यबल बाहर नहीं निकलने, नौकरीरहित वृद्धि की घटनाओं तथा प्रवसन पर इसकी प्रयोज्‍यताओं के कारण इंदिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्‍थान तथा इसके अनुसंधानात्‍मक सहयोगी सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर), राष्‍ट्रीय नगर कार्य संस्‍थान (रा.न.का.सं.) तथा माइग्रेशन कोएलिएशन के सदस्‍यों ने भारतीय संदर्भ में प्रवसन के संबंध में अनुसंधान तथा कार्रवाई के सुदृढ़ीकरण तथा सामंजस्‍य (श्रमिक) संबंधी परियोजना...

स्थिति: Completed | संपर्क व्यक्ति: Dr. Debolina Kundu

जवाहरलाल नेहरू राष्‍ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) एक सुधार आधारित अवसंरचनात्‍मक उन्‍नयन कार्यक्रम है। शहरी परिवर्तन लाने के लिए जेएनएनयूआरएम ने विगत की शहरी सुधार पहलों का समन्‍वय किया है तथा एक ऐसा व्‍यापक शहरी सुधार एजेंडा तैयार किया है जो शहरी विकास मंत्रालय, राज्‍य सरकार तथा शहरी स्थानीय निकाय के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओए) का भाग है। राज्‍य तथा शहर मिशन अवधि के अंतर्गत सुधार कार्यान्वित करने की विशिष्‍ट समय-सीमा हेतु प्रतिबद्ध है।

मिशन निदेशालय इन सुधारों के कार्यान्‍वयन का गहन मूल्‍यांकन तथा आकलन करना चाहता था ताकि उनके...

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