साझेदार

रा..का.सं. तथा शहरी विकास मंत्रालय के इस संस्‍थान के गठन से ही साझेदार रहे हैं और वे शहरी क्षेत्र के व्‍यापक विजन पर कार्य कर रहे हैं जिनमें शहरी तथा भू-सुधार, नगर वित्‍त, शहरी शासन, शहरी बुनियादी ढांचा तथा अन्‍य के संबंध में इसके विभिन्‍न फलक शामिल हैं।

रॉकफेलर फाउंडेशन शहरी जलवायु परिवर्तन लोच के संबंध में एक क्षमता निर्माण परियोजना के लिए रा..का.सं. को सहायता प्रदान कर रहा है जो जलवायु संबंधी सूचना को एकीकृत करेगा एवं शहरी पर्यावरण के संबंध में जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों पर ध्‍यान देगा। इस परियोजना की अवधि 2012 से 2015 तक 3 वर्ष तक है।

सिटिज एलाइंस ने जेएनएनयूआरएम, के अंतर्गत मिशन वाले शहरों में शहरी सुधारों तथा परियोजनाओं के नियोजन एवं कार्यान्‍वयन के संबंध में जानकारी साझा करने के लिए वर्ष 2010 से पीईएआरएल कार्यक्रम को सहायता प्रदान की है।

सिडको, जो भारत का वृहत्‍तम तथा अग्रणी शहरी एवं औद्योगिक विकास निगम है, ने रा..का.सं. में सिडको स्‍मार्ट सिटी चेयर नामक एक अनुसंधानात्‍मक एवं क्षमता निर्माण संबंधी पहल को सहायता प्रदान की है। इस परियोजना की अवधि वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक पांच वर्ष तक है।

सिटी जेनिथ और रा..का.सं. ज्ञान साझेदार हैं जिनका उद्देश्‍य छोटे तथा प्रभावी विजुओलाइजेशन साधनों के जरिए अपने नागरिकों को शहर-विशिष्‍ट डाटा सुलभ करवाने के लिए क्षमता तलाशना है जो शहरी चुनौतियों पर ध्‍यान देगा तथा शहरी जीवन की गुणवत्‍ता का उन्‍नयन करेगा।

हुडको ने रा..का.सं. में हुडको चेयर नामक एक त्रि-वर्षीय परियोजना को सहयोग दिया है जिसका फोकस शहरी बस्तियों के भारतीय संदर्भ में आवासीय तथा मूल बुनियादी ढांचा की स्थिति पर है।

यूएसएआईडी तथा रा..का.सं. ने व्‍यावहारिक शहरी बुनियादी ढांचे के लिए दीर्घावधिक ऋण बाजार तैयार करने हेतु वित्‍तीय संस्‍थान सुधार तथा विस्‍तार (फायर-डी) के संबंध में दीर्घावधिक साझेदारी की। फायर-डी परियोजना 15 वर्षों में पूरी हुई, यह 1994 में शुरू हुई थी तथा वर्ष 2010 में खत्‍म हुई।

 

नेटवर्क

रा..का.सं. तथा यूनेस्‍को ने भारतीय धरोहर शहर नेटवर्क (आईएचसीएन) का नेतृत्‍व किया और यह भारत में शहरी धरोहर को बढ़ावा देने, शहरी प्रबंधन इनपुट प्रदान करने में संस्‍थागत साझेदार बन गया ताकि धरोहर शहर प्रभावी शहर बन सकें, ज्ञान तथा सूचना का प्रसार-प्रचार कर सके एवं अनुसंधानात्‍मक तथा प्रशिक्षण/कार्यशाला कार्यकलाप प्रदान कर सके।

सिटीनेट और एनआईयू पर्ल परियोजना के जरिए गहनता से जुड़ी हुई है तथा इनका उद्देश्‍य अनुसंधानात्‍मक परियोजनाओं एवं क्षमता निर्माण संबंधी पहलों के लिए स्‍थानीय सरकार की क्षमताओं का सुदृढ़ीकरण करना है। सिटीनेट संगठनात्‍मक सुविज्ञता के स्रोत पूल के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय मंच तथा उपलब्‍धता प्रदान करता है विशेषतौर पर एशिया-पेसीफिक शहरों के लिए, जबकि रा..का.सं. स्वयं को ज्ञान प्रबंधकों के रूप में बदलने के लिए भारतीय शहरों के साथ लिंकेज में सहायता प्रदान करता है।

रा..का.सं. मेट्रोपोलिज नेटवर्क के लिए दक्षिण एशिया में मुख्‍य ज्ञान साझेदार है तथा रा..का.सं. को स्‍मार्ट सिटी तथा नगर वित्‍त पर फोकस के साथ दक्षिण एशिया के लिए मेट्रोपोलिज अंतर्राष्‍ट्रीय प्रशिक्षण संस्‍थान एंटिना के रूप में बनाने के लिए सफल चर्चाएं हुई हैं।